नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कनॉट प्लेस (CP) की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को शाम 6:30 बजे तक बंद करने के निर्देशों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए आशंका जताई कि क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ फिर से सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, बड़ी संख्या में एम्बुलेंस तैनात हैं और दुकानों को निर्धारित समय से पहले बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फिर से बल प्रयोग की तैयारी कर रही है।
NDTA के पत्र में क्या कहा गया?
केजरीवाल द्वारा साझा किए गए पत्र में नई दिल्ली व्यापारिक संघ (NDTA) की ओर से व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कनॉट प्लेस स्थित सभी दुकानें, कार्यालय और रेस्तरां 23 जुलाई को शाम 6:30 बजे तक बंद कर दिए जाएं।
पत्र में कहा गया है कि NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की सलाह के बाद कनॉट प्लेस और उसके आसपास की परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। व्यापारियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान या जनहानि से बचा जा सके।

व्यापारियों से सहयोग की अपील
जारी निर्देश में सभी प्रतिष्ठान संचालकों और व्यवसायियों से अपील की गई है कि वे समय पर अपने प्रतिष्ठान बंद करें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें। पत्र के अनुसार, यह कदम सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने NEET UG 2024 पेपर लीक मामले में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी।
उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति को पहले इस मामले का मास्टरमाइंड बताया गया था, उसे अब सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी है। अपने पोस्ट में केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जांच प्रक्रिया और चार्जशीट दाखिल करने के तरीके पर भी सवाल उठाए।
















