बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। पार्टी के कुछ नेताओं ने अब अपनी शिकायतें पार्टी नेतृत्व के सामने रखने के लिए दिल्ली में धरना देने का फैसला किया है।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले नेताओं का आरोप है कि बिहार में संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर कई स्तरों पर गंभीर कमियां रहीं। उनका मुख्य निशाना बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम हैं।
इन नेताओं का दावा है कि दोनों पदाधिकारियों की भूमिका के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
2025 चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 6 सीटों पर सिमटी
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पार्टी के लिए बड़ा झटका रहा। कांग्रेस सिर्फ 6 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर सकी।
इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 19 सीटों पर जीत हासिल की थी। यानी पांच साल के भीतर पार्टी की विधानसभा सीटों की संख्या में काफी गिरावट आई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार राम भी अपना विधानसभा चुनाव हार गए। इसके बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे।
राहुल गांधी से मुलाकात नहीं होने का दावा
कांग्रेस नेता और वरिष्ठ पार्टी सदस्य आनंद माधव ने कहा कि बिहार के कई नेता लंबे समय से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके मुताबिक, नवंबर 2025 से नेता लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक मुलाकात नहीं हो सकी है।
आनंद माधव के अनुसार, 3 नवंबर 2025 को बिहार के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल और अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। उनका दावा है कि उस समय नेताओं की शिकायतों पर ध्यान देने और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।
नाराज नेताओं का कहना है कि इसके बावजूद अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन के समर्थन में
प्रस्तावित प्रदर्शन को बिहार कांग्रेस के कई पूर्व पदाधिकारियों और नेताओं का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। इनमें बिहार कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष जमाल अहमद और राजकुमार राजन, AICC सदस्य नागेंद्र पासवान, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, पूर्व सचिव बी. अख्तर और पूर्व विधायक अनिल कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।
वरिष्ठ नेता किशोर कुमार झा ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ये पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं और नेतृत्व को उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर होगा कि पार्टी के भीतर पैदा हुई समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाए।
8 सितंबर को दिल्ली में जुटने की तैयारी
नाराज नेताओं के अनुसार, 8 सितंबर को बिहार से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। प्रस्तावित धरना इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस के राष्ट्रीय मुख्यालय के बाहर होगा।
प्रदर्शनकारियों ने इसे शांतिपूर्ण रखने की बात कही है। उनकी प्रमुख मांग बिहार कांग्रेस के संगठनात्मक कामकाज और चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा से जुड़ी है।



















