नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया। अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ तिब्बत की ओर से आई। रसुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे अचानक बड़े सैलाब की सूचना मिली।
बाढ़ इतनी तेज थी कि टिमुरे और आसपास के बाजार क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। कई इमारतें और अन्य ढांचे प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी आगे नुवाकोट और धादिंग की ओर बढ़ गया है।
बाढ़ की वजह अभी पूरी तरह साफ नहीं
शुरुआती जानकारी में स्थानीय स्तर पर ग्लेशियर झील फटने या ऊपरी इलाके में किसी अस्थायी बांध के टूटने जैसी आशंका जताई गई थी। हालांकि, अभी तक बाढ़ के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती आकलन के मुताबिक रसुवा में हुई स्थानीय बारिश इस बाढ़ का मुख्य कारण नहीं लगती। सैटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत की ओर अधिक बारिश होने के संकेत मिले हैं।
हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भी नुकसान
बाढ़ ने नेपाल के बिजली ढांचे को भी प्रभावित किया है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार रसुवागढ़ी, चिलिमे और त्रिशूली-3A जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। त्रिशूली-3B हब के 220 kV सबस्टेशन सहित ट्रांसमिशन और वितरण ढांचे भी प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय निवासी अजय श्रेष्ठ ने बाढ़ के तेज बहाव को देखते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था जैसे अचानक कोई बांध टूट गया हो। बाढ़ से कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
टिमुरे में 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी लापता
बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के 9 कर्मचारी टिमुरे में बाढ़ आने के बाद संपर्क से बाहर बताए गए हैं। अधिकारियों ने उनकी तलाश शुरू कर दी है।
टिमुरे में पुलिस कार्यालय और स्याफ्रुबेसी तथा रसुवागढ़ी के पुलिस पोस्ट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था भी बाधित होने की खबर है।
रेस्क्यू हेलीकॉप्टर को लौटना पड़ा
बाढ़ और भूस्खलन के बाद टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया एल्टीट्यूड एयर का हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका। पायलट के मुताबिक, बाढ़ के तेज बहाव में स्थानीय हेलीपैड बह गया था।
हेलीकॉप्टर को सुरक्षित लैंडिंग के लिए जगह नहीं मिली, जिसके बाद उसे काठमांडू लौटना पड़ा। पायलट ने बताया कि ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा बाढ़ और मलबे से ढका नजर आया।
नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को तैनात किया है। दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर भी खोज और बचाव अभियान में लगाए गए हैं। निजी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी तैयार रहने को कहा गया है।
त्रिशूली नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट
बाढ़ का पानी नुवाकोट से होते हुए धादिंग की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों ने त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है।
नुवाकोट, धादिंग और आगे गोरखा तथा चितवन के नदी किनारे के इलाकों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

















