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Sunday, August 23, 2026
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हाफिज सईद पर शिकंजा कसेगा भारत, पाकिस्तान में भेजा जाएगा NIA का समन

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पहलगाम आतंकी हमले की जांच कर रही NIA ने हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। NIA ने जुलाई 2026 में दाखिल पूरक आरोप पत्र में सईद को आरोपी बनाया। एजेंसी के अनुसार, वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सक्रिय प्रॉक्सी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़ी साजिश में आरोपी है।

इससे पहले दिसंबर 2025 में NIA ने पहलगाम हमले के मामले में LeT/TRF और छह अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। एजेंसी ने कहा था कि जांच में हमले की साजिश और पाकिस्तान स्थित नेटवर्क की भूमिका से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं।

पाकिस्तान भेजा जाएगा अदालत का समन

हाफिज सईद भारत में मौजूद नहीं है। ऐसे में अदालत के आदेश के बाद उसे कानूनी रूप से नोटिस और समन पहुंचाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, NIA की ओर से तैयार किए गए अदालती दस्तावेजों को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों के माध्यम से भारतीय उच्चायोग तक पहुंचाया जा सकता है। इसके बाद पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों के जरिए इन्हें हाफिज सईद तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य आरोपी को अदालत के समक्ष पेश होने का औपचारिक अवसर देना है। यदि वह समन के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होता है, तो भारतीय कानून के तहत आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है।

गैर-जमानती वारंट के बाद बढ़ी कार्रवाई

हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वारंट के बाद पहलगाम हमले से जुड़े मामले में उसकी अनुपस्थिति में मुकदमे की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।

इसका मतलब यह नहीं है कि विदेश में मौजूद किसी आरोपी को भारत तत्काल गिरफ्तार कर सकता है। भारत को उसकी गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर रहना होगा।

BNSS के तहत गैरहाजिरी में ट्रायल का प्रावधान

भारत के नए आपराधिक कानूनों में कुछ परिस्थितियों में घोषित अपराधी की अनुपस्थिति में मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रावधान है। ऐसी स्थिति में अदालत द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होता है।

हाफिज सईद के मामले में समन और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं का रिकॉर्ड इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारत की ओर से आरोपी को अदालत में उपस्थित होने का अवसर दिए जाने का दस्तावेजी आधार तैयार होगा।

पहलगाम हमले में क्या है आरोप?

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में आतंकवादी हमला हुआ था। NIA के अनुसार, हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी। दिसंबर 2025 की चार्जशीट में एजेंसी ने LeT/TRF को हमले की योजना, सुविधा और क्रियान्वयन से जोड़ते हुए आरोपी बनाया था।

जुलाई 2026 की पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम शामिल किया गया। NIA ने उसे व्यक्तिगत रूप से और LeT के प्रमुख के रूप में आरोपी बनाया है।

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