शुक्रवार सुबह से ही जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शनकारियों का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर तक इलाके में लोगों की संख्या बढ़ गई। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर नारेबाजी करते नजर आए।
प्रदर्शन के दौरान आरक्षण व्यवस्था और UGC के नियमों को लेकर नाराजगी जताई गई। कई पोस्टरों पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग से जुड़े संदेश लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने जातिगत आरक्षण को समाप्त करने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों की ओर से ‘UGC रोल बैक’ जैसे नारे भी लगाए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जातिगत आरक्षण खत्म किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर पुलिस ने बढ़ाई बैरिकेडिंग
CJP के पिछले आंदोलन के बाद जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। शुक्रवार को भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित धरना स्थल की ओर जाने से रोका गया। इसके बावजूद जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। पुलिस की मौजूदगी भी इलाके में बढ़ी हुई थी।
रामलीला मैदान में मिली थी प्रदर्शन की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि 21 अगस्त को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के लिए रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। पुलिस के मुताबिक यह अनुमति शाम 4 बजे तक के लिए थी।
पुलिस की ओर से जारी NOC में अधिकतम 500 लोगों को जुटने की अनुमति दी गई थी। इसके साथ ही किसी तरह के जुलूस की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी।
प्रदर्शनकारियों ने 2026 में विश्वविद्यालय परिसरों में जाति आधारित भेदभाव रोकने से जुड़े UGC के समानता संबंधी नियमों को लेकर भी विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने आशंका जताई कि नए नियमों का कथित तौर पर उनके खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने नियमों में किए गए बदलावों को वापस लेने की मांग की।
वहीं, पुलिस ने एक दिन पहले ही कहा था कि 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो और दावों को पुलिस ने ‘झूठा और भ्रामक’ बताया था।
नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू
दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया था कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है। ऐसे में किसी भी प्रदर्शन या भीड़ जुटाने को लेकर पुलिस की अनुमति और निर्धारित शर्तों का पालन जरूरी है।

















