Congo Landslide Tragedy: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के उत्तर किवु प्रांत में स्थित रुबाया कोल्टन खदान में भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन ने सैकड़ों परिवारों को उजाड़ दिया। सरकारी और विद्रोही अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे में कम से कम 200 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई शव अब भी कीचड़ और मलबे में दबे हुए हैं। राहत एजेंसियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
यह हादसा 28 और 29 जनवरी 2026 के बीच हुआ, जब लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाके की मिट्टी ढीली हो गई। पहले दिन खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और अगले दिन दूसरा भूस्खलन हुआ। उस समय खदान में हाथ से कोल्टन निकालने वाले मजदूर काम कर रहे थे। इनमें महिलाएं, बच्चे और आसपास के बाजार में काम करने वाले लोग भी शामिल थे।
घटना में कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, लेकिन 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है। राहत कार्यों में सबसे बड़ी चुनौती लगातार कीचड़ और अस्थिर जमीन है, जिसके कारण मलबे में दबे लोगों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
रुबाया खदान दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कोल्टन खदानों में से एक मानी जाती है। यहीं से निकलने वाला टैंटलम स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और विमान इंजनों में इस्तेमाल होता है। अनुमान है कि दुनिया की 15 से 30 प्रतिशत कोल्टन आपूर्ति इसी क्षेत्र से होती है। यह इलाका आर्टिसनल माइनिंग के लिए जाना जाता है, जहां बिना किसी सुरक्षा मानकों के हजारों गरीब लोग रोज काम करते हैं।
इस खदान पर विद्रोही संगठन एम23 का कब्जा है, जो अप्रैल 2024 से यहां नियंत्रण बनाए हुए है। पूर्वी कांगो में दशकों से जारी संघर्ष, मिलिशिया का दबदबा, भारी गरीबी और कमजोर प्रशासन ऐसे हादसों को और घातक बना देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक खनन सुरक्षा और सशस्त्र संघर्ष पर नियंत्रण नहीं होगा, तब तक कांगो में ऐसी त्रासदियां दोहराती रहेंगी।




















