पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी के सोनारपुर दौरे के दौरान कथित हमले और हंगामे का मामला सामने आया है। घटना के बाद टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में चुनावी हिंसा में प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
टीएमसी का आरोप है कि विरोध करने वालों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी की, उन पर अंडे फेंके और धक्का-मुक्की की। पार्टी का दावा है कि इस दौरान उनकी शर्ट भी फट गई।
अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम भाजपा सरकार के संरक्षण में हुआ है। उन्होंने कहा कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चूक हुई।
उन्होंने दावा किया कि घटना के वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं तथा इस मामले को अदालत और अन्य संवैधानिक मंचों तक ले जाया जाएगा। अभिषेक ने यह भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सोनारपुर में पहले भी हुआ था राजनीतिक तनाव
सोनारपुर विधानसभा क्षेत्र चुनावी हिंसा को लेकर पहले भी चर्चा में रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच कई बार टकराव की घटनाएं सामने आई थीं।
टीएमसी का कहना है कि हालिया दौरा उन कार्यकर्ताओं और परिवारों से मुलाकात के लिए था जो चुनावी हिंसा से प्रभावित हुए थे। इसी दौरान यह विवाद सामने आया।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
















