ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। भोपाल जिला अदालत ने गुरुवार को ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, पूर्व जज गिरिबाला सिंह को 5 दिन की रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। दोनों आरोपी अब 2 जून तक CBI की हिरासत में रहेंगे।
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है और मां-बेटे दोनों से विस्तृत पूछताछ की आवश्यकता है। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह की 5 दिन की रिमांड और समर्थ सिंह की रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
गिरिबाला सिंह पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत रद्द किए जाने के बाद CBI ने गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की थी। करीब सात घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। इसी पहलू को लेकर CBI अब गहराई से जांच कर रही है। समर्थ सिंह पहले से ही एजेंसी की हिरासत में था।
डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की जांच
CBI की टीम ने हाल ही में उस घर का भी निरीक्षण किया जहां 12 मई की रात ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। जांचकर्ता घटना वाली रात घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं।
एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय और उसके बाद किन लोगों से संपर्क किया गया और क्या घटनास्थल पर किसी प्रकार का बदलाव किया गया था।
टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन से तैयार हो रहा घटनाक्रम
CBI इस मामले में टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का उपयोग कर रही है। इसके तहत ट्विशा शर्मा के जीवन के अंतिम घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार किया जा रहा है, जिससे घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को क्रमवार समझा जा सके।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी मामले में सक्रिय रुख दिखा चुका है। अदालत ने CBI को जांच तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे और दोनों पक्षों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सलाह दी थी।
गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई को वह अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। इसके बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे, जबकि आरोपियों ने इन दावों को खारिज किया है।


















