भारत ने ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को बार-बार निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। भारत सरकार ने इस बचाव अभियान में सहयोग के लिए ओमान प्रशासन का धन्यवाद भी जताया है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की चिंता
MEA ने बयान जारी कर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता को प्रभावित करने वाले ऐसे हमले वैश्विक व्यापार के लिए खतरा हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन कराने की अपील की है।
भारत का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों के जरिए होता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का खतरा भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित कर सकता है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी निगरानी
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सभी भारतीय जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।
सूत्रों के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी थी। इसके बाद कई व्यापारी जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।
पहले भी भारतीय नाविक बने निशाना
इससे पहले भी क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान भारतीय नाविकों पर हमले हो चुके हैं। मार्च 2026 में तेल टैंकर ‘स्काईलाइट’ पर हुए हमले में दो भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत हुई थी, जबकि अन्य घायल हुए थे।
इसके अलावा ‘MKD VYOM’ और ‘Ayeh’ जैसे जहाजों पर हुए हमलों में भी भारतीय नाविक प्रभावित हुए थे। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की है।


















