आंदोलन समाप्त करने के दो दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। संगठन का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में छात्र प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। CJP ने कहा है कि यदि मंगलवार तक सभी एफआईआर वापस नहीं ली गईं और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो संगठन आगे की रणनीति पर फैसला करेगा।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की खबरें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलन समाप्त होने से पहले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने और दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का भरोसा दिया था।
सौरव दास के अनुसार, सरकार के इसी आश्वासन के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा कि अब जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं और यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
‘लिखित आश्वासन मिलने के बाद खत्म किया आंदोलन’
CJP ने दावा किया कि 28 जुलाई को सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन दिया गया था कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी। सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय नेताओं जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई बातचीत में भी यही भरोसा दिया गया था। इसी विश्वास के आधार पर संगठन ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने वादे का पालन नहीं करती है तो यह केवल CJP के साथ नहीं, बल्कि देशभर के लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात होगा। उनका कहना था कि युवा इस तरह की वादाखिलाफी को स्वीकार नहीं करेंगे।
हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग
सौरव दास ने बताया कि CJP की लीगल टीम अलग-अलग राज्यों में सक्रिय है और हिरासत में लिए गए छात्रों व प्रदर्शनकारियों की कानूनी मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन की टीमें विशेष रूप से उन राज्यों में हालात पर नजर रख रही हैं, जहां एनडीए या भाजपा की सरकार है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। साथ ही सभी दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं।
मंगलवार तक का दिया अल्टीमेटम
अपने बयान के अंत में सौरव दास ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि केवल वादा करना काफी नहीं होता, बल्कि उसे निभाना भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं से शांत रहने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि संगठन उनके साथ खड़ा है।
CJP ने साफ किया है कि यदि मंगलवार तक सभी एफआईआर वापस नहीं ली जाती हैं, तो संगठन आगे की कार्रवाई और आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार करेगा।
















