नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहे आंदोलन के बीच CJP प्रमुख अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण गुरुवार को उन्होंने कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल से दूरी बनाई और समर्थकों से अस्थायी रूप से आराम करने की अनुमति मांगी।
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार और पूरे शरीर में दर्द की शिकायत है। उन्होंने कहा कि अब तक वह दर्द निवारक दवाओं के सहारे आंदोलन में सक्रिय बने हुए थे, लेकिन अब कुछ घंटे आराम करना जरूरी हो गया है।
सोशल मीडिया पर दी स्वास्थ्य की जानकारी
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में लिखा कि वह फिलहाल अस्वस्थ हैं और कुछ समय के लिए विश्राम करेंगे। उन्होंने समर्थकों से कहा कि यदि वह दिन में जंतर-मंतर पर दिखाई नहीं दें तो इसे उनकी मजबूरी समझा जाए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही वह शाम तक फिर से आंदोलन स्थल पर लौटने का प्रयास करेंगे।
अभिजीत दीपके 20 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। आंदोलन की तैयारियों, लगातार बैठकों, प्रदर्शन के संचालन, प्रशासन और सरकार के साथ समन्वय तथा अन्य गतिविधियों के कारण वह लंबे समय से लगातार सक्रिय रहे हैं। इसी बीच पिछले कुछ दिनों में उन्हें कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि मंगलवार रात उन्हें उल्टी की शिकायत हुई थी और मंच पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने की भी सूचना सामने आई थी।
CJP प्रवक्ता ने जताई थी फूड पॉइजनिंग की आशंका
इससे पहले CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अभिजीत दीपके को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी तथा प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति की आशंका जताई गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अब दीपके के खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रांका ने यह भी आशंका व्यक्त की थी कि आंदोलन के दौरान उनके भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी कर चुके हैं भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने भी भूख हड़ताल शुरू की थी। हालांकि संसद मार्च शुरू होने के बाद उन्होंने दो दिन के भीतर अपना अनशन समाप्त कर दिया था।
उस समय दीपके ने बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है और लंबे समय तक बिना भोजन के रहना उनके स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। फिलहाल CJP की ओर से कहा गया है कि स्वास्थ्य लाभ के बाद वह फिर से आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
















