इंदौर। 19 सितंबर को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को लेकर मध्यप्रदेश के युवाओं और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अभियान के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच चुका है।
प्रदेशभर में कांग्रेस संगठन युवाओं तक पहुंचकर उन्हें इस अभियान से जोड़ रहा है। NSUI, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल के साथ कांग्रेस के ब्लॉक, मंडलम स्तर के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों एवं युवा समूहों तक पहुंचकर छात्रों का रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में लगातार पंजीयन अभियान चल रहा है।
‘ऑनलाइन पिटीशन’ नहीं, व्यापक डिजिटल कैंपेन के रूप में युवाओं की भागीदारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ को केवल पारंपरिक ऑनलाइन पिटीशन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे एक व्यापक डिजिटल और ऑनलाइन अभियान का स्वरूप दिया गया है। आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्र सीधे अभियान से जुड़कर अपना समर्थन दर्ज करा रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।
30 सेकंड और 2 मिनट के वीडियो से युवा उठा रहे अपनी आवाज
अमित चौरसिया ने बताया कि अभियान के तहत डिजिटल वीडियो कैंपेन भी चलाया जा रहा है। छात्र और युवा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर 30 सेकंड अथवा 2 मिनट के वीडियो तैयार कर ऑनलाइन शेयर कर रहे हैं। इन वीडियो के माध्यम से देशभर के छात्र अपनी समस्याओं और मांगों को सीधे सामने रख रहे हैं।
QR Code और मिस्ड कॉल से भी जुड़ रहे छात्र
डिजिटल अभियान में भागीदारी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ QR Code स्कैन करने और 9873036161 नंबर पर मिस्ड कॉल देने का विकल्प भी उपलब्ध है। यानी कॉलेज कैंपस से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक, छात्र अपनी सुविधा के अनुसार इस अभियान से जुड़कर अपनी आवाज दर्ज करा सकते हैं।
Gen Z से संवाद और प्रदेशभर में मैराथन बैठकों का दौर जारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निवास पर Gen Z और युवाओं के साथ लगातार संवाद एवं मैराथन बैठकों का दौर जारी है। प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता युवाओं से संपर्क कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक, NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्ष व्यवस्था, रोजगार के अवसर और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा जैसे मुद्दे इस अभियान के केंद्र में हैं।
अमित चौरसिया ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ आज सड़क से सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है। यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस युवा पीढ़ी की सामूहिक आवाज है जो पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था की अनिश्चितता और शिक्षा में भ्रष्टाचार से मुक्त भविष्य चाहती है। एक लाख से अधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश का युवा अब अपनी आवाज खुद उठाने के लिए तैयार है। 19 सितंबर को इंदौर में यह डिजिटल और जमीनी जनभागीदारी एक बड़ी युवा हुंकार का रूप लेगी।

















