भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश की कानून व्यवस्था, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सबसे बेहतर पुलिस बनाने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से काम किया जाए और जनता का विश्वास लगातार मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में पुलिस विभाग में विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां किए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक पदोन्नतियां हुई हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू नए आपराधिक कानूनों को प्रदेश में पूरी प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाए। साथ ही आगामी त्योहारों और स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर राजधानी से लेकर सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।
नक्सलवाद के बाद विकास कार्यों पर जोर
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है। अब जिन क्षेत्रों में नक्सल गतिविधियां समाप्त हुई हैं, वहां विकास कार्यों को गति देने और पुलिस की सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उद्योगों के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक निवेश को देखते हुए उद्योगों और अन्य संस्थानों को लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत की जाए। साथ ही भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को पहले से तैयार रहने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों को जल्द भरने, नियमित डीपीसी कर पदोन्नति प्रक्रिया जारी रखने और बैकलॉग समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया के योग्य युवाओं को पुलिस सहित अन्य सरकारी सेवाओं में भर्ती के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में पुलिस हाउसिंग बोर्ड, नए वाहनों की उपलब्धता, पुलिस भर्ती बोर्ड और एफएसएल की तर्ज पर सीन ऑफ क्राइम जांच व्यवस्था को और मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।















