बिहार विधानसभा चुनाव में शून्य सीट हासिल करने के एक महीने बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी हाल ही में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से गुप्त मुलाकात हुई है। यह मुलाकात पिछले सप्ताह 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के आवास पर हुई और करीब एक घंटे तक चली।
हालांकि दोनों पार्टियों के सूत्रों ने इस मुलाकात के महत्व को कम करने की कोशिश की है। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों के सवाल पर इसे साधारण बातचीत बताते हुए कहा, “ये भी कोई न्यूज है क्या?” लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
कांग्रेस से पीके का रहा है पुराना रिश्ता
प्रशांत किशोर का कांग्रेस से पुराना और उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता रहा है। साल 2021 में जदयू छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर 2024 लोकसभा चुनाव के लिए एक रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया था। लेकिन पद और अधिकार को लेकर मतभेदों के चलते उनका रिश्ता कड़वाहट में बदल गया था। तब से वह कांग्रेस के मुखर आलोचक बने रहे।
बिहार चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने साफ कहा था कि मतदाता सूची पुनरीक्षण और राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ अभियान राज्य की जनता के लिए प्राथमिक मुद्दे नहीं हैं। लेकिन उनकी पार्टी जन सुराज को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी के 238 उम्मीदवारों में से 236 की जमानत जब्त हो गई और एक भी सीट नहीं मिल सकी।
बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन भी निराशाजनक
दूसरी ओर कांग्रेस ने भी बिहार में निराशाजनक प्रदर्शन किया। पार्टी 61 सीटों पर चुनाव लड़ी लेकिन केवल 6 सीटें जीत सकी, जबकि 2020 में उसे 19 सीटें मिली थीं। ऐसे में विश्लेषक मान रहे हैं कि दोनों ही पक्ष चुनावी हार के बाद नए रणनीतिक साझेदारी पर विचार कर रहे होंगे।
अभी तक न तो कांग्रेस और न ही प्रशांत किशोर ने आधिकारिक रूप से इस मुलाकात की पुष्टि की है। लेकिन राजनीतिक सूत्र मान रहे हैं कि यह बैठक भविष्य की किसी बड़ी राजनीतिक पहल का संकेत हो सकती है। क्या प्रशांत किशोर एक बार फिर कांग्रेस की रणनीति तैयार करने में भूमिका निभाएंगे? यह तो वक्त ही बताएगा।

















