कानपुर। भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी रविवार को कानपुर पहुंचीं। यहां वह कानपुर रोटेरियन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राजनीति, साइबर अपराध, युवा कौशल विकास और कानपुर की हवाई सेवाओं सहित कई विषयों पर अपनी बात रखी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान किरण बेदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से चुनाव लड़ने के अपने फैसले को लेकर कहा कि वह उस अनुभव को दोहराना नहीं चाहेंगी। उन्होंने कहा, “भाजपा से चुनाव लड़ना मेरी गलती थी, ऐसी गलती दोबारा नहीं कर सकती।”
हालांकि, जब उनसे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़े सवाल पूछे गए तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं इन लोगों को फॉलो ही नहीं करती, इसलिए इस विषय पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है।”
कानपुर की हवाई कनेक्टिविटी की तारीफ
किरण बेदी ने कानपुर की बेहतर हुई हवाई सेवाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली से लखनऊ तक हवाई यात्रा करनी पड़ती थी और वहां से खराब सड़कों के रास्ते कानपुर आना पड़ता था। लेकिन अब दिल्ली से सीधी उड़ान उपलब्ध होने के कारण यात्रा काफी आसान और सुविधाजनक हो गई है।
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए किरण बेदी ने कहा कि लोगों को जागरूक और शिक्षित बनाना सबसे प्रभावी उपाय है। उनके अनुसार अपराधियों का काम अपराध करना होता है, लेकिन स्वयं को सुरक्षित रखना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर साइबर अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
77वें जन्मदिन पर शुरू किया नया अभियान
अपने 77वें जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई नई पहल के बारे में जानकारी देते हुए किरण बेदी ने बताया कि उन्होंने ‘भारत स्किल एक्सचेंज’ नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है और यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
इससे पहले किरण बेदी दिल्ली जिमखाना क्लब से जुड़े एक फैसले को लेकर भी अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि क्लब खाली करने से संबंधित आदेश सुनकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई उन्हें उनके अपने घर से बेदखल कर रहा हो।
उन्होंने बताया कि किशोरावस्था से ही उनका इस क्लब से गहरा जुड़ाव रहा है। अमृतसर से टेनिस प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए वह अक्सर दिल्ली आती थीं और यहीं से उन्हें दिल्ली से लगाव हो गया। बाद में जब उनकी पहली नियुक्ति दिल्ली में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) और उपमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) के रूप में हुई, तब जिमखाना क्लब उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह स्थान उनकी कई यादों से जुड़ा हुआ है।





















