Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि, सरकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, फिलहाल उनके इस्तीफे का कोई सवाल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि सरकार का मानना है कि पद छोड़ना समस्या का समाधान नहीं है और जनादेश के अनुरूप जिम्मेदारियों का निर्वहन करना प्राथमिकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार का पक्ष है कि जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय व्यवस्था में सुधार और आवश्यक कदम उठाना अधिक महत्वपूर्ण है। इसी वजह से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार नहीं किया जा रहा है।
CJP और विपक्ष लगातार कर रहे हैं इस्तीफे की मांग
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके समेत विपक्ष के कई नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को CJP ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।
शुक्रवार को CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक के बाद संगठन ने दावा किया कि सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गईं।
इनमें पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। इसके अलावा कथित पेपर लीक से प्रभावित मृतक छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की मांग भी रखी गई।
दो मांगों पर सकारात्मक संकेत का दावा
बैठक के बाद CJP नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने तीन में से दो मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर तत्काल कोई निर्णय नहीं लिया गया और इस संबंध में बाद में जवाब देने की बात कही गई।
वहीं, सरकार की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में बैठक में क्या सहमति बनी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा
CJP का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक जंतर-मंतर पर धरना और देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, सरकार का जोर परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई पर बना हुआ है।
















