ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रस्तावित अंतिम संस्कार को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। बताया जा रहा है कि यह निमंत्रण भारतीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से नई दिल्ली पहुंच चुका है।
हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में हिस्सा लेंगे या नहीं। ऐसे में उनके संभावित दौरे को लेकर अटकलों का दौर जारी है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में ईरान के कार्यक्रम और पहले से तय विदेश यात्रा की तारीखें आपस में टकरा सकती हैं।
इसी वजह से माना जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाते हैं तो भारत सरकार किसी वरिष्ठ मंत्री या उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को समारोह में भेज सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय का इंतजार है।
युद्ध के कारण टला था अंतिम संस्कार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार पहले आयोजित नहीं हो सका था। अब ईरान ने 4 से 9 जुलाई के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी की है। इसके लिए कई देशों के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
भारत के अलावा रूस, चीन, पाकिस्तान और कतर सहित कई मित्र एवं पड़ोसी देशों को भी आधिकारिक निमंत्रण भेजा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भी समारोह में अपना आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की पुष्टि की है।
अब सभी की नजर भारत सरकार के फैसले पर है कि इस महत्वपूर्ण राजनयिक कार्यक्रम में देश का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे या किसी अन्य वरिष्ठ नेता को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

















