NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट से परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक की साजिश में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विषय विशेषज्ञों और अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई है।
CBI की जांच में P.V. Kulkarni, Manisha Gurunath Mandhare और Manisha Sanjay Havaldar के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। ये सभी NEET UG 2026 की प्रश्नपत्र तैयार करने या उससे जुड़ी प्रक्रिया में NTA के लिए काम कर रहे थे। जांच के मुताबिक, आरोपियों के पास प्रश्नपत्रों से संबंधित गोपनीय सामग्री तक पहुंच थी।
P.V. Kulkarni पर क्या आरोप है?
CBI और PIB की जानकारी के अनुसार, केमिस्ट्री लेक्चरर P.V. Kulkarni परीक्षा प्रक्रिया में NTA की ओर से शामिल थे और उन्हें प्रश्नपत्र तक पहुंच प्राप्त थी। जांच में आरोप है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्होंने पुणे स्थित अपने आवास पर कुछ छात्रों के लिए विशेष कोचिंग सेशन आयोजित किए।
इन सेशन के दौरान उन्होंने कथित तौर पर प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर छात्रों को बताए। छात्रों ने इन्हें अपनी नोटबुक में लिखा। CBI के अनुसार, इन लिखे गए सवालों का NEET UG 2026 के वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलान हुआ।
Manisha Mandhare की भूमिका
मनीषा गुरुनाथ मांढरे भी NTA की ओर से नियुक्त विषय विशेषज्ञ थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, वह बायोलॉजी से संबंधित प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुवाद प्रक्रिया में शामिल थीं। CBI की जांच में आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें प्रश्नपत्र के बड़े हिस्से तक पहुंच मिली थी।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि लीक हुए सवालों को बाद में चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया। इस प्रक्रिया में अन्य आरोपी और कथित मध्यस्थ भी शामिल थे।
Manisha Havaldar का नाम भी सामने आया
फिजिक्स विषय विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार का नाम भी जांच में सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर फिजिक्स से जुड़े सवाल मनीषा मांढरे तक पहुंचाए। जांच में कुछ लीक सवालों का वास्तविक परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलान किए जाने की बात भी सामने आई है।
NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
CBI ने जांच के दौरान NTA की प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में कई सुरक्षा खामियों को भी चिह्नित किया। इनमें गोपनीय सेक्शन में आने-जाने वाले लोगों की तलाशी व्यवस्था का अभाव, पर्याप्त लाइव CCTV निगरानी की कमी और एक ही विशेषज्ञ को प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया के कई चरणों में शामिल करना प्रमुख हैं।
CBI के अनुसार, इन कमियों ने गोपनीय प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले लोगों के लिए सवालों को बाहर पहुंचाना आसान बनाया।
3 मई को हुई थी परीक्षा
NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से संबंधित कुछ सामग्री के अनधिकृत प्रसार की शिकायत सामने आने के बाद CBI ने 12 मई को मामले में FIR दर्ज की थी। इसके बाद जांच कई राज्यों तक पहुंची और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
पेपर लीक के कारण मूल परीक्षा रद्द कर दी गई और बाद में 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। CBI ने अपनी चार्जशीट में डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की राय और अन्य दस्तावेजों को भी शामिल किया है।
यह मामला अब अदालत के समक्ष है और चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।

















