Venezuela Earthquake: लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए लगातार दो भीषण भूकंपों ने पूरे देश में तबाही मचा दी है। कुछ ही मिनटों के अंतराल में आए इन तेज झटकों ने राजधानी काराकास समेत कई बड़े शहरों को प्रभावित किया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि हजारों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक एजेंसी (USGS) ने इस आपदा को बेहद गंभीर बताते हुए बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका व्यक्त की है। स्थिति को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर ऑरेंज अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
राजधानी काराकास में सबसे ज्यादा नुकसान
भूकंप का सबसे अधिक असर राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में देखा गया है। कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर इमारतें पूरी तरह ढहने की भी खबर है। देश का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी नुकसान के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित होने से राहत कार्यों में भी कठिनाई आ रही है।
स्कूल-कॉलेज बंद, राहत शिविर शुरू
आपदा की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला लिया है। कई सरकारी भवनों और स्कूल परिसरों को अस्थायी राहत शिविरों में बदला जा रहा है, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवाइयों और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। हजारों लोग अब भी खुले स्थानों और पार्कों में रात गुजारने को मजबूर हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल, सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों और विशेष बचाव टीमों की मदद ली जा रही है।
सरकार ने सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों से तत्काल ड्यूटी पर लौटने की अपील की है ताकि घायलों का इलाज तेजी से किया जा सके।
लापता लोगों के लिए विशेष व्यवस्था
भूकंप के बाद संचार नेटवर्क प्रभावित होने से लोगों को अपने परिजनों से संपर्क करने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में सरकार ने नागरिकों से आधिकारिक मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए लापता लोगों की जानकारी साझा करने और क्षति की रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर राहत दलों को प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है।
आपदा के बाद कई देशों ने वेनेजुएला को मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। अमेरिका सहित कई देशों ने खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भेजने की पेशकश की है। क्षेत्रीय देशों ने भी प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग का भरोसा दिया है।
पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
वेनेजुएला सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रही हैं और मृतकों व घायलों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
















