Pune Murder Case: पुणे के लोहागढ़ किले में हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआत में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला कथित हत्या का निकला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक युवक केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके करीबी दोस्त चेतन चौधरी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि पुलिस को मिले डिजिटल सबूतों और पूछताछ के आधार पर जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई है। अब यह मामला एक सुनियोजित साजिश के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान वह गहरी खाई में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद इसे दुर्घटना माना गया था और परिवार भी शुरुआत में यही समझ रहा था कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है।
हालांकि बाद में सामने आए तथ्यों ने कई सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।
रिश्ते को लेकर थी असहमति
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि सिया गोयल इस रिश्ते से खुश नहीं थी और शादी को लेकर उसकी अलग सोच थी। इसी दौरान उसके एक अन्य युवक से भी लगातार संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई।
पुलिस को मिले कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। इसके बाद जांच एजेंसियों ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की।
परिवार के अनुसार, केतन और सिया की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था और शादी की तैयारियां भी चल रही थीं। करीबी लोगों का कहना है कि केतन इस रिश्ते को लेकर गंभीर था। सोशल मीडिया पर भी दोनों की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे।
घटना के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा की थीं, जिससे लोगों को लगा कि वह अपने मंगेतर की मौत से बेहद दुखी है। इसी वजह से शुरुआती दौर में किसी को उस पर संदेह नहीं हुआ। परिवार ने भी घटना को दुर्घटना मानकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
बहन के सवालों से बदली जांच की दिशा
बताया जा रहा है कि बाद में जब सिया परिवार के संपर्क में आई तो मृतक की बहन ने उससे घटना को लेकर विस्तार से बातचीत की। कुछ जवाबों और परिस्थितियों को लेकर परिवार के मन में संदेह पैदा हुआ। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और जांच एजेंसियों ने तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
पुलिस ने मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच की। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर मामले को नए सिरे से देखा गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल था और घटना से पहले तथा बाद में क्या गतिविधियां हुईं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
















