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Monday, August 10, 2026
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MP UCC Update: मानसून सत्र में पेश होगा UCC विधेयक, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

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MP UCC Update: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा मानसून सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह महत्वपूर्ण विधेयक इसी सत्र के दौरान पारित भी हो सकता है।

बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और विधायी कार्यवाही करने जा रही है, जिनमें समान नागरिक संहिता भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यूसीसी को लेकर गंभीरता से काम कर रही है और इसे लागू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा सत्र

मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।

राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने और सुझाव जुटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया है।

सरकार के अनुसार समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर अलग-अलग समुदायों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से सुझाव एकत्र कर रही है। इन सुझावों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।

जनता से भी मांगे गए सुझाव

यूसीसी को लेकर राज्य सरकार ने एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है। इसके माध्यम से आम नागरिक अपने सुझाव और राय दर्ज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है।

सरकार का कहना है कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से एक व्यापक और संतुलित नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

कांग्रेस ने जताई आपत्ति

वहीं, विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने यूसीसी को लेकर चिंता व्यक्त की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस कानून का प्रभाव आदिवासी समुदायों की परंपराओं, सामाजिक व्यवस्थाओं और संवैधानिक अधिकारों पर पड़ सकता है।

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार समानता के नाम पर विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करने वाला कदम उठा रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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