मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शिक्षकों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। सरकार ने शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 11.92 लाख से अधिक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइया सीधे तौर पर लाभांवित होंगे।
यह योजना आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू की जाएगी और पूरी तरह कैशलेस होगी। सरकार के अनुसार, इसके क्रियान्वयन में करीब 358.61 करोड़ रुपये का व्यय भार आएगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मंजूरी दी है। इससे 2 लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभांवित होंगे। इस पर सरकार को लगभग 89.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। यह फैसला शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ यह घोषणा धरातल पर उतरने जा रही है। बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल रोका गया।
कैबिनेट बैठक में अन्य अहम फैसले भी लिए गए। शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी दी गई। नक्शा पास करने की प्रक्रिया को सरल करने और विकास शुल्क के नए दर लागू करने का निर्णय हुआ। बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला स्थापित करने को भी हरी झंडी दी गई।
अन्य बड़े फैसले संक्षेप में
आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी दी गई है। बहराइच समेत अन्य क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 136 परिवारों को घर और खेती के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
सीएम फेलो को यूपी लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में आयु सीमा में अधिकतम तीन साल की छूट और अतिरिक्त अंक देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नई नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई।
पीसीएस (न्यायिक) सेवा की भर्ती में अब तीन साल की वकालत अनिवार्य कर दी गई है। यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर किया गया है।




















