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Thursday, October 1, 2026
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Ram Mandir Donation Case: कुंभ मेले के दौरान हुई सबसे बड़ी गड़बड़ी? पुलिस जांच में नए दावे, ED को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

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राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच में पुलिस ने दावा किया है कि सबसे बड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ी कुंभ मेले के दौरान हुई। ED और आयकर विभाग की मदद लेने की तैयारी की जा रही है।

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस जांच में अब ऐसे दावे सामने आए हैं कि सबसे बड़ी कथित गड़बड़ी वर्ष 2025 में आयोजित महाकुंभ के दौरान हुई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिर में दान और चढ़ावे की मात्रा काफी बढ़ गई थी।

जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी अवधि में आरोपियों ने कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से नकदी की हेराफेरी की। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

जांच में क्या-क्या सामने आया?

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर यह जानकारी मिली है कि कुछ आरोपियों ने कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी अपने कब्जे में ली। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस रकम से कई संपत्तियां भी खरीदी गईं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, मुख्य आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी के दौरान नकदी भी बरामद हुई। पुलिस का कहना है कि कुछ स्थानों पर नोटों की गड्डियां बक्सों और अन्य सामान के भीतर छिपाकर रखी गई थीं।

जांच में एक ऐसा आरोपी भी शामिल है, जो ट्रस्ट से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी का पूर्व चालक बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि उसके पास चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष की चाबी रहती थी। उसके ठिकाने से भी नकदी बरामद होने की बात जांच में सामने आई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित हेराफेरी में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

ED और आयकर विभाग की मदद लेने की तैयारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच के लिए आयकर विभाग का सहयोग लिया जाएगा।

इसके अलावा Money Trail की जांच कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

SBI कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियों को संदेह है कि पूरे मामले में बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या चढ़ावे से संबंधित प्रक्रिया में किसी स्तर पर मिलीभगत हुई थी या नहीं।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों की जांच की है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया है कि कई खातों में उनकी घोषित आय की तुलना में कहीं अधिक रकम का लेनदेन मिला है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक की सबसे बड़ी नकदी बरामदगी लगभग 89 लाख रुपये की बताई गई है। पुलिस का कहना है कि यह राशि एफआईआर दर्ज होने से पहले ट्रस्ट स्तर पर बरामद कर ली गई थी।

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