राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद का राजनीतिक असर आगामी विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार को चुनाव समय से पहले कराने हैं तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अयोध्या की जनता ने अपना संदेश दिया था और अब चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है और लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं।
सरकार पर लगाए कई आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार ने अयोध्या में विकास कार्यों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में लोगों की अपेक्षाओं पर खरा प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब चढ़ावा विवाद ने लोगों के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए और किसी भी आरोपी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
बुलडोजर कार्रवाई की भी उठाई मांग
सपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में बुलडोजर कार्रवाई की नीति अपनाती है तो राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और किसी भी मामले में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो सकती है तो यह सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने साइबर अपराध और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
संविधान और मर्यादा का किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा के प्रतीक हैं और संविधान भी देश की सर्वोच्च मर्यादा का आधार है। शासन-प्रशासन को दोनों के मूल्यों का सम्मान करते हुए काम करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है तथा विभिन्न समुदायों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रयास करती रहेगी।
















