Ram Mandir Donation Case: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद और चल रही एसआईटी जांच के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और यदि किसी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या बयानबाजी से बचें।
“500 साल इंतजार किया, कुछ दिन और कर लीजिए”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम भक्तों ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए सदियों तक संघर्ष और इंतजार किया है। ऐसे में जांच प्रक्रिया पूरी होने तक कुछ और दिनों का धैर्य रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और यह टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में जांच पूरी होने से पहले अनावश्यक बयान देना उचित नहीं है। इससे जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई जानकारी, दस्तावेज या प्रमाण हैं तो वे उन्हें सीधे जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएं ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
छवि खराब करने वालों से रहें सावधान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे तत्वों के बहकावे में न आने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज विश्वभर में श्रद्धा और आस्था का केंद्र बन रही है और ऐसे समय में किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों का अतीत रामभक्तों और अयोध्या आंदोलन के प्रति सकारात्मक नहीं रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे, वही आज मंदिर और अयोध्या के मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रुदौली क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य अयोध्या को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक पहचान दिलाना है और इसी दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

















