मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हुआ ट्रेन हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। एक मामूली अफवाह ने कुछ ही पलों में चार लोगों की जान ले ली। इस हादसे में एक यात्री ने अपनी पत्नी और मासूम बेटे को खो दिया। घटना को याद करते हुए उसकी आंखें नम हो जाती हैं।
रविवार को खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के बीच अचानक आग लगने की अफवाह फैल गई। डर और घबराहट के माहौल में किसी ने चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन रुक गई। ट्रेन रुकते ही कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए नीचे उतर गए।
इसी दौरान कुछ लोग पास की रेलवे लाइन की ओर चले गए, जहां दूसरी दिशा से तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी। किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और कुछ ही सेकंड में चार लोग ट्रेन की चपेट में आ गए।
“मेरी पत्नी और बच्चा हमेशा के लिए चले गए”
हादसे में अपने परिवार को खोने वाले एक यात्री ने बताया कि जब ट्रेन में आग लगने की बात फैली तो सभी लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। वह भी अपने परिवार के साथ नीचे उतर गया था।
उसके अनुसार, उसकी पत्नी एक बच्चे के साथ ट्रेन के बाहर खड़ी थी, जबकि दूसरा बच्चा अभी ट्रेन के अंदर था। वह अंदर मौजूद बच्चे को देखने गया। तभी दूसरी तरफ से आई ट्रेन लोगों के ऊपर से गुजर गई। कुछ ही क्षणों में उसकी पत्नी और बच्चा उसकी आंखों के सामने दुनिया छोड़ गए।
इस दर्दनाक रेल हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग लगने की अफवाह के कारण यात्रियों में घबराहट फैली और कई लोग ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर पहुंच गए थे।
रेलवे और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, रेलवे अधिकारी और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेलवे ने हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि अफवाह कैसे फैली और किन परिस्थितियों में यह दुखद घटना हुई।

















