उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान मंगलवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बड़ा बवाल हो गया। हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में आठ लोग घायल हो गए, जिनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद एयरलिफ्ट कर देहरादून भेजा गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और बदरीनाथ हाईवे पर प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके चलते करीब साढ़े चार घंटे तक बदरीनाथ यात्रा प्रभावित रही और हाईवे पर लगभग 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कर्णप्रयाग के मुख्य बाजार क्षेत्र में कुछ सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान एक होटल के बाहर वाहन खड़ा करने को लेकर उनका होटल संचालक के परिवार से विवाद हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर श्रद्धालुओं की ओर से तलवारें निकाल ली गईं, जिससे एक स्थानीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
देखते ही देखते बन गया संघर्ष का मैदान
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। संघर्ष में चार स्थानीय निवासी और चार तीर्थ यात्री घायल हुए हैं।

घटना के बाद कुछ आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि अन्य लोगों को बाद में पुलिस ने गौचर क्षेत्र से हिरासत में लिया।
बदरीनाथ हाईवे पर लगा लंबा जाम
हिंसक घटना से नाराज लोगों ने कर्णप्रयाग के पंचपुलिया क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की ओर जाने वाले हजारों श्रद्धालु कई घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। तेज धूप और गर्म मौसम के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को कर्णप्रयाग के उप जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हथियार पर प्रतिबंध लगाने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीर्थ यात्राओं के दौरान हथियार लेकर आने वालों पर सख्त निगरानी और प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक यात्राओं में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
करीब साढ़े चार घंटे बाद प्रशासन की समझाइश के बाद जाम समाप्त कराया गया और बदरीनाथ हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।














