Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होती नजर आ रही है। पुलिस और प्रशासन अब इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में जुटे हैं। इसके साथ ही आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है और अवैध निर्माण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) की टीम एक आरोपी के निर्माणाधीन मकान का निरीक्षण करने पहुंची। अधिकारियों ने निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जानकारी जुटाई और परिजनों से भी पूछताछ की।
गैंगस्टर एक्ट लगाने पर हो रहा विचार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए विधिक राय भी ली जा रही है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर आठ नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है। बरामद रकम और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।
कई स्थानों पर एक साथ हुई कार्रवाई
बुधवार को पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों के पैतृक और वर्तमान आवासों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की और आरोपियों की आय, हाल के वर्षों में खरीदी गई संपत्तियों तथा अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई।
अधिकारियों ने घरों की तलाशी लेने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की भी जांच की, ताकि मामले से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस ने उन स्थानों पर भी दोबारा तलाशी अभियान चलाया, जहां पहले नकदी बरामद होने का दावा किया गया था। जांच टीम ने घरों के अंदर और बाहर मौजूद कई जगहों की बारीकी से जांच की।
अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है और यदि नए साक्ष्य मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
अवैध संपत्तियों की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्तियों के स्रोत का भी सत्यापन कर रही हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाल के वर्षों में खरीदी गई जमीन, मकान या अन्य संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं या नहीं।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध निर्माण सामने आता है तो संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।


















