मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका असर कृषि, परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्था पर देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई बैठक में किसानों को राहत देने के साथ-साथ राज्य के विकास कार्यों को गति देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक के बाद MSME मंत्री चेतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कपास उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए कपास पर लगने वाला मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों और व्यापारियों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
अन्य कृषि उपज पर बढ़ा मंडी शुल्क
जहां कपास पर शुल्क में कटौती की गई है, वहीं अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पहले यह शुल्क 1 प्रतिशत था। सरकार के अनुसार इस संशोधन से राज्य को करीब 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है।
मंत्री ने बताया कि बढ़े हुए राजस्व का उपयोग सड़क विकास, ग्रामीण अधोसंरचना और गौ-संवर्धन जैसी योजनाओं में किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे विकास कार्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी।
भोपाल मेट्रो परियोजना को नई स्वीकृति
कैबिनेट ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। वर्ष 2016 में तैयार परियोजना की अनुमानित लागत करीब 6,941 करोड़ रुपये थी, लेकिन निर्माण लागत और अन्य कारणों से यह बढ़कर 10,033 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
परियोजना की बढ़ी हुई लागत को देखते हुए सरकार ने लगभग 3,092 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में लगभग 30 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना को पूरा कर संचालन शुरू करना है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य में सभी स्थानांतरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे। इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी।

















