देश के कई हिस्सों में अप्रैल महीने में ही तेज गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों में या तो स्कूल बंद कर दिए गए हैं या उनके समय में बदलाव किया गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal और Odisha जैसे राज्यों ने स्थिति को देखते हुए अलग-अलग कदम उठाए हैं, ताकि बच्चों को लू और तेज धूप से बचाया जा सके।
भोपाल में 8वीं तक स्कूल बंद
भोपाल जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के सभी छात्रों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक छुट्टी घोषित की है। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर लागू होगा।
हालांकि छात्रों को छुट्टी दी गई है, लेकिन शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आना होगा। यह फैसला कलेक्टर की मंजूरी के बाद लागू किया गया है।
ओडिशा में जल्दी शुरू हुई छुट्टियां
ओडिशा सरकार ने भी गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए 27 अप्रैल 2026 से सभी स्कूलों में समर वेकेशन शुरू करने का फैसला लिया है।
राज्य के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पहले स्कूलों का समय बदला गया था, लेकिन हालात बिगड़ने के बाद छुट्टी का निर्णय लिया गया।
हीटवेव को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। कुछ जगहों पर ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू किया गया है। यह संकेत है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे जोखिम और बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। इन राज्यों में कक्षाएं सुबह जल्दी शुरू कर दी गई हैं। लखनऊ और पटना जैसे शहरों में बच्चों की छुट्टी दोपहर 12:30 बजे तक कर दी जा रही है, ताकि वे तेज धूप से पहले घर पहुंच सकें।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों पर गर्मी का असर जल्दी पड़ता है। लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकारें और प्रशासन लगातार कदम उठा रहे हैं।















