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LPG New Rule: LPG डिलीवरी का नया नियम लागू, बिना DAC कोड नहीं मिलेगा सिलेंडर

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LPG New Rule: देशभर में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए नया नियम लागू किया गया है। अब 94.5% से ज्यादा डिलीवरी DAC यानी Delivery Authentication Code के जरिए की जा रही है। बिना इस कोड के सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी।

गैस कंपनियों ने यह कदम फर्जी डिलीवरी, गलत बिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए उठाया है। इससे उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद है।

OTP जैसा होता है DAC नंबर

DAC नंबर एक यूनिक कोड होता है, जो OTP की तरह काम करता है। गैस सिलेंडर बुक करने के बाद यह कोड ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।

डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय इसी कोड की पुष्टि करता है। सही कोड देने के बाद ही सिलेंडर ग्राहक को सौंपा जाता है।

क्या है DAC और कैसे काम करता है?

DAC का पूरा नाम Delivery Authentication Code है। हर बार नई बुकिंग पर एक अलग कोड जनरेट होता है, जिससे डिलीवरी प्रक्रिया सुरक्षित रहती है।

जब सिलेंडर घर पहुंचता है, तो ग्राहक को मोबाइल में आया कोड डिलीवरी एजेंट को बताना होता है। इसके बाद ही डिलीवरी पूरी मानी जाती है।

कैसे मिलता है DAC नंबर

गैस बुकिंग के बाद यह कोड SMS, मोबाइल ऐप या WhatsApp के जरिए भेजा जाता है। यह उसी डिवाइस पर आता है जिससे बुकिंग की गई होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सही व्यक्ति तक ही सिलेंडर पहुंचे।

अगर किसी कारण से DAC नंबर समय पर नहीं मिलता है, तो ग्राहक डिलीवरी बॉय से दोबारा कोड भेजने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा गैस एजेंसी या संबंधित ऐप के माध्यम से भी कोड दोबारा प्राप्त किया जा सकता है।

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