आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई उनके व्यवसाय से जुड़े कई स्थानों पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि जालंधर और फगवाड़ा स्थित परिसरों समेत कई जगहों पर एक साथ टीमों ने तलाशी अभियान चलाया। अशोक मित्तल की पहचान लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख के रूप में भी रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप
इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे चुनावी तैयारी से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कार्रवाई आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
वहीं अरविंद केजरीवाल ने भी इसी बयान को साझा करते हुए कहा कि पंजाब के लोग ऐसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे और इसका जवाब देंगे। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया है।
हाल ही में बढ़ी थी जिम्मेदारी
अशोक मित्तल को हाल ही में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी का उपनेता बनाया गया था। उन्हें यह जिम्मेदारी राघव चड्ढा की जगह दी गई थी। इसके बाद से उनकी राजनीतिक भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
मित्तल वर्ष 2022 में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे। इसके अलावा वे वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य भी हैं और संसद में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
राघव चड्ढा से जुड़े घटनाक्रम
पार्टी के भीतर राघव चड्ढा की भूमिका को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चा बनी हुई थी। उन्हें उपनेता पद से हटाए जाने के बाद यह मुद्दा और प्रमुख हो गया।
सूत्रों के अनुसार पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चा पहले से थी, जो हाल के फैसलों के बाद खुलकर सामने आई। हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है।

















