इंदौर में “स्कूल चले हम अभियान” के अंतर्गत सांदीपनि शासकीय श्रीदेवी अहिल्या आश्रम विद्यालय में “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर शिवम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हर व्यक्ति की अपनी अलग पहचान और जीवन यात्रा होती है। किसी भी रोल मॉडल से अच्छी बातें सीखना जरूरी है, लेकिन पूरी तरह उसकी नकल करने की बजाय अपनी परिस्थितियों और क्षमताओं के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए।

छोटे लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ने की सलाह
कलेक्टर ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित करें और धीरे-धीरे उन्हें हासिल करें। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कुछ नया सीखने की आदत विकसित करने से पढ़ाई रोचक बनती है और प्रेरणा बनी रहती है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे भी कभी विद्यार्थियों की तरह ही स्कूल में बैठकर ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।

सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी पर जोर
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, वाद-विवाद, संगीत और अन्य गतिविधियों में सक्रिय रहने की सलाह दी। उनके अनुसार, स्कूल केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का केंद्र है।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेना ही महत्वपूर्ण होता है। जो विद्यार्थी भाग नहीं लेते, वे अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसलिए हर गतिविधि में भागीदारी आवश्यक है।

शिक्षकों के मार्गदर्शन का महत्व
उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देते हैं। विद्यार्थियों को उनका सम्मान करना चाहिए और उनके मार्गदर्शन का पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रसन्न और सकारात्मक मन से किया गया कार्य अधिक प्रभावी होता है और सफलता दिलाता है। विद्यार्थियों को हमेशा उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
















