Harda News: मध्य प्रदेश के हरदा जिले में शनिवार सुबह एकलव्य आवासीय विद्यालय का गंभीर मामला सामने आया। 300 से अधिक छात्र खराब खाने और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान होकर कलेक्टर से मिलने के लिए हॉस्टल की दीवार फांदकर निकल पड़े। कड़ाके की ठंड में छात्र करीब 40 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल ही चल दिए। छात्र जब लगभग 8 से 9 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे, तब जिला प्रशासन को इसकी जानकारी मिली।
जानकारी मिलते ही हरदा के जिलाधिकारी सिद्धार्थ जैन खुद मौके पर पहुंचे और सोडलपुर के पास नेशनल हाईवे पर छात्रों को रोक लिया। डीएम ने छात्रों से सड़क पर ही बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद सभी छात्रों को बसों के माध्यम से सुरक्षित वापस स्कूल भेजा गया।
छात्रों की क्या हैं शिकायतें?
छात्रों का आरोप है कि स्कूल और हॉस्टल में लंबे समय से खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है और साफ-सफाई भी दयनीय बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल की प्राचार्य शिकायत करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। एक छात्र ने बताया कि बार-बार शिकायत के बाद भी हालात नहीं बदले, जिससे मजबूर होकर उन्हें कलेक्टर तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पैदल निकलना पड़ा।
डीएम से मुलाकात, प्राचार्य हटाने की मांग
जिलाधिकारी से बातचीत के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्राचार्य को हटाने की मांग भी की। इस पर डीएम सिद्धार्थ जैन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि खाने की गुणवत्ता की निगरानी के लिए पालक समिति बनाई जाएगी। साथ ही छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक संपर्क समिति का गठन भी किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि प्राचार्य के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जांच के आदेश, विधायक ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच कांग्रेस के स्थानीय विधायक अभिजीत शाह ने भी हॉस्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोई में रखी खाद्य सामग्री में कई खामियां पाई गईं। पीने के पानी की टंकी की जांच की गई तो उसके अंदर पेड़ की जड़ें मिलीं। विधायक ने इसका वीडियो भी बनाया।
राज्य में 63 एकलव्य स्कूल
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चल रहे हैं। इस विद्यालय में आदिवासी छात्रों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है। हरदा की इस घटना ने एक बार फिर इन विद्यालयों में व्यवस्थाओं की हकीकत की पोल खोल दी है।

















