मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बैतूल जिले के प्रसिद्ध धार्मिक नगर ‘मुलताई’ का नाम बदलकर उसके मूल और प्राचीन नाम ‘मूलतापी’ करने की घोषणा की। ताप्ती नदी का उद्गम स्थल होने के कारण यह स्थान पूरे देश में जाना जाता है।
क्यों बदला नाम?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ‘मुलताई’ का वास्तविक और प्राचीन नाम ‘मूलतापी’ ही है, जिसका अर्थ है ‘ताप्ती नदी का उद्गम स्थल’। उन्होंने कहा कि यह नाम बदलाव इस पवित्र स्थान की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करेगा। यह फैसला स्थानीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और लंबे समय से लोगों की मांग के आधार पर लिया गया है। स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
आदिवासी संग्रहालय और मेडिकल कॉलेज की घोषणा
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में एक भव्य आदिवासी संग्रहालय बनाने की भी घोषणा की। इस संग्रहालय का उद्देश्य जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को सहेजना और दुनिया के सामने लाना है। यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सांस्कृतिक खजाना बनेगा।
साथ ही, बैतूल में एक नए मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी गई। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। इस मेडिकल कॉलेज के बनने से पूरे इलाके की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह मेडिकल कॉलेज 300 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर बनेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी जिक्र किया। इससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को फायदा मिलेगा। साथ ही महाराष्ट्र के साथ मिलकर बनाई गई ‘तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना’ से किसानों के जीवन में बदलाव आएगा।





















