मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा के पहले व्यावसायिक दिन शहरवासियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इस आधुनिक परिवहन व्यवस्था से न केवल समय और धन की बचत की उम्मीद जताई, बल्कि शहर से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण कम होने की भी आस बांधी। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, पहले ही दिन एम्स स्टेशन से शुरू हुए परिचालन में शाम छह बजे तक 5,731 से अधिक यात्रियों ने सफर किया।
उद्घाटन के अगले दिन दिखी भीड़
मेट्रो सेवा का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को किया था। अगले दिन, यानी पहले व्यावसायिक दिन सुबह से ही लोग परिवार के साथ टिकट खिड़कियों पर कतार में लगे दिखे। यात्री राव सिंह ने कहा कि इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी और यातायात जाम से छुटकारा मिलेगा। चेतन नाम के एक अन्य यात्री ने अपने शहर के मेट्रो शहरों की सूची में शामिल होने पर खुशी जताई।
देश का 26वां मेट्रो शहर बना भोपाल
7.5 किलोमीटर लंबे इस प्रथम चरण के शुरू होने के साथ ही भोपाल, इंदौर के बाद मध्य प्रदेश का दूसरा और देश का 26वां मेट्रो सुविधा वाला शहर बन गया है। युवा यात्री अक्षय ने कहा कि इससे दफ्तर जाने-आने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। कई यात्री मेट्रो के अंदर और स्टेशनों पर सेल्फी लेते और इस ऐतिहासिक पल को कैद करते नजर आए।
यातायात में सुधार की उम्मीद
यात्रियों ने उम्मीद जताई कि मेट्रो कॉरिडोर के चलते शहर की व्यस्त सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यातायात अधिक सुचारु होगा और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल अनुमानित लागत 10,033 करोड़ रुपये है। इसके पहले चरण, जिसमें यह 7.5 किमी का खंड शामिल है, पर लगभग 2,225 करोड़ रुपये की लागत आई है। शहरवासी अब आगामी चरणों के शीघ्र पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।




















