पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडंगा में आज माहौल काफी तनावपूर्ण है क्योंकि यहां निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की कॉपी के रूप में एक नई मस्जिद की नींव रखने का कार्यक्रम तय किया गया है। यह कार्यक्रम 6 दिसंबर को रखा गया है जो बाबरी विध्वंस की वर्षगांठ का दिन भी है।
इस घोषणा ने पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और प्रशासन ने एहतियातन भारी सुरक्षा तैनात कर दी है। इलाके में लगातार लोगों की भीड़ बढ़ रही है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
सुबह से ही कार्यक्रम के समर्थन में कई लोग सिर पर ईंटें लेकर बेलडंगा की ओर जाते दिखाई दिए। इनमें उत्तर बरासात के मोहम्मद शफीकुल इस्लाम जैसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने कहा कि वह मस्जिद निर्माण में ईंटें दान देकर अपनी सहभागिता दिखाना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से फैल रहा है और कई लोग हैशटैग के माध्यम से इस कार्यक्रम को समर्थन दे रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी है। हुमायूं कबीर पहले ही सोशल मीडिया पर घोषणा कर चुके हैं कि वे 20 बीघा जमीन पर बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाएंगे।
उनका दावा है कि इस निर्माण की लागत लगभग 125 करोड़ रुपये होगी और इसे तीन साल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि इस कार्यक्रम में लाखों लोग शामिल होंगे और इसका असर राष्ट्रीय राजमार्ग 12 पर भी पड़ सकता है। प्रशासन इस दावे को लेकर सतर्क है और यातायात व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
कबीर ने इस मुद्दे पर टीएमसी नेतृत्व को भी निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि वह किसी भी कीमत पर यह मस्जिद बनवाएंगे और इसके लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं करते। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करता है तो हाईवे पर बड़ा प्रदर्शन हो सकता है। उनके तीखे बयान से राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाता जा रहा है।
निलंबन के बाद कबीर ने यह भी घोषणा की है कि वे अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे और 2026 के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारेंगे। बेलडंगा का यह कार्यक्रम उनकी राजनीति को नया मोड़ दे सकता है। हालांकि स्थानीय लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं क्योंकि माहौल में बढ़ता तनाव किसी भी वक्त बड़ा रूप ले सकता है।





















