38.3 C
Indore
Wednesday, June 10, 2026
Homeबड़ी खबरमध्य प्रदेश में हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा, भोपाल से बेंगलुरु भेजे जा रहे...

मध्य प्रदेश में हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा, भोपाल से बेंगलुरु भेजे जा रहे थे विधायक, लेकिन एक फैसले ने बदल दिया पूरा सियासी खेल

Date:

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर मंगलवार का दिन राजनीतिक घटनाक्रमों से भरपूर रहा। सुबह तक कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रही थी, लेकिन शाम होते-होते हालात पूरी तरह बदल गए। पार्टी की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद चुनावी गणित ही बदल गया।

राज्य की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव प्रस्तावित हैं। संख्या बल के आधार पर भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में थी, जबकि कांग्रेस अपनी एक सीट बचाने की तैयारी कर रही थी। लेकिन भाजपा द्वारा तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को मैदान में उतारने के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई।

बेंगलुरु भेजे जाने वाले थे विधायक

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की आशंका थी। इसी वजह से पार्टी ने अपने विधायकों को मतदान तक कर्नाटक भेजने की योजना बनाई थी। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर विधायक पहुंच चुके थे और चार्टर विमान भी तैयार था। हालांकि उड़ान संबंधी प्रक्रिया के दौरान देरी हुई और इसी बीच विधानसभा में नामांकन को लेकर सुनवाई तेज हो गई।

नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी महेश केवट की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उम्मीदवार ने एक न्यायिक मामले से जुड़ी जानकारी अपने नामांकन दस्तावेजों में शामिल नहीं की। इसके बाद दोनों पक्षों ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखीं।

शाम तक चला सस्पेंस

दिनभर चली बहस और राजनीतिक तनाव के बाद निर्वाचन अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। इस फैसले के साथ ही कांग्रेस की विधायकों को बेंगलुरु भेजने की योजना तत्काल रोक दी गई और सभी विधायक वापस लौट गए।

फैसले के बाद कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा की। वहीं भाजपा ने इसे नियमों और प्रक्रिया की जीत बताया। दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया।

तीसरी सीट पर भाजपा की स्थिति मजबूत

यदि कांग्रेस को अदालत से राहत नहीं मिलती है तो राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा की जीत का रास्ता लगभग साफ हो सकता है। ऐसे में जिस तीसरी सीट को लेकर कई दिनों से रणनीतिक गतिविधियां चल रही थीं, उसका परिणाम मतदान से पहले ही तय होता दिखाई दे रहा है।

Related Posts

spot_img

मध्य प्रदेश