K Annamalai Resignation: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। इसके बाद वह चेन्नई के लिए रवाना हो गए।
सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महासचिव बीएल संतोष के साथ हुई बैठक में पार्टी से अलग होने की इच्छा स्पष्ट रूप से व्यक्त की। बताया जा रहा है कि उन्होंने नेतृत्व को कहा कि अब वह अपनी राजनीतिक दिशा स्वयं तय करना चाहते हैं। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें मनाने और राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका देने की कोशिश भी की थी।
कई महीनों से चल रही थीं अटकलें
अन्नामलाई के इस्तीफे की चर्चाएं पिछले कुछ महीनों से लगातार सामने आ रही थीं। 2025 में तमिलनाडु भाजपा की कमान उनके हाथों से लेकर नैनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से ही उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
राज्य की राजनीति में एआईएडीएमके के साथ भाजपा के संबंधों और गठबंधन रणनीति को लेकर भी अन्नामलाई की असहमति की खबरें सामने आती रही हैं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि पार्टी की रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर उनके मतभेद बढ़ गए थे।
नई राजनीतिक पहल की तैयारी?
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों का कहना है कि वह एक जन आंदोलन शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, जिसे आगे चलकर राजनीतिक संगठन का रूप दिया जा सकता है। हालांकि अभी तक उन्होंने नई पार्टी के गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
हाल के दिनों में कोयंबटूर और अन्य शहरों में उनके समर्थन में पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें उन्हें तमिलनाडु के लिए नई राजनीतिक दिशा देने वाला नेता बताया गया। इन पोस्टरों ने उनके अगले कदम को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया।
विजय के उभार के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
अन्नामलाई का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अभिनेता से राजनेता बने विजय का राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के साथ-साथ नए नेतृत्व की तलाश भी तेज हो रही है।
रिपोर्टों के अनुसार अन्नामलाई का मानना है कि राज्य की राजनीति तेजी से बदल रही है और नई राजनीतिक सोच के लिए जगह बन रही है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में वह अपने भविष्य की योजनाओं और राजनीतिक रुख को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करेंगे।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई 2020 में सक्रिय राजनीति में आए थे और कम समय में भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। अब उनका भाजपा से अलग होना तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

















