टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड अपनी बड़ी कारों और SUVs के लिए CNG और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पावरट्रेन के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है। कंपनी की यह रणनीति 4 मीटर से कम वाले सेगमेंट से आगे बढ़कर बड़े व्हीकल सेगमेंट में ईंधन विकल्पों का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। ऑटो उद्योग में CAFE 3 के तहत कड़े फ्यूल इफिशिएंसी नॉर्म्स और कम कॉस्ट पावरट्रेन की बढ़ती जरूरत के बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है।
CNG सेगमेंट में टाटा मोटर्स का बढ़ता दबदबा
कंपनी ने साल 2024 में 1.2 लाख से अधिक CNG वाहनों की बिक्री की और यह आंकड़ा इस वर्ष 1.5 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है। इससे कंपनी को कॉम्पैक्ट कारों से आगे CNG अपनाने का मजबूत व्यावसायिक आधार मिल रहा है। टाटा मोटर्स PV के CEO शैलेश चंद्रा ने फाइनेंशियल ईयर 26 की Q2 अर्निंग कॉल के दौरान पुष्टि की कि कंपनी अब 4 मीटर से बड़े सेगमेंट में CNG लाने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि कंपनी पहले ही 4 मीटर से कम वाली लगभग सभी कारों में CNG उपलब्ध करा रही है, लेकिन अब 4.3 मीटर श्रेणी पर कड़ी नजर है। यदि मांग दिखाई देती है, तो उस सेगमेंट में भी टाटा अपने CNG पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों के बीच मिडिल क्लास ग्राहक कम ईंधन लागत वाले विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे CNG की मांग मजबूत हुई है।
स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड पर भी टाटा मोटर्स का ध्यान
CNG के साथ-साथ कंपनी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों पर भी विचार कर रही है। CEO चंद्रा के अनुसार, हाइब्रिड टेक्नोलॉजी अभी मूल्यांकन के चरण में है, लेकिन इसे बड़े और प्रीमियम सेगमेंट के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। कंपनी तकनीकी रूप से तैयार है और उम्मीद जताई जा रही है कि नई Curve और नई Sierra SUV में हाइब्रिड और CNG दोनों विकल्प देखने को मिल सकते हैं।
मार्केट में बढ़ती हाइब्रिड कारों की लोकप्रियता और मारुति सुजुकी द्वारा प्रीमियम SUV में CNG विकल्प देने के बाद यह निर्णय और भी महत्वपूर्ण हो गया है।





















