पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते तनाव की चर्चा तेज हो गई है। कोलकाता नगर निगम (KMC) द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
KMC के बिल्डिंग विभाग ने कोलकाता म्युनिसिपल एक्ट की धारा 401 के तहत ये नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में अभिषेक बनर्जी के हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास ‘शांतिनिकेतन’, उनके परिजनों और उनकी कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ से जुड़ी संपत्तियों में कथित अवैध निर्माण का उल्लेख किया गया है।
सात दिन का अल्टीमेटम
नगर निगम ने संबंधित पक्षों को सात दिन के भीतर कथित अवैध निर्माण हटाने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर निगम द्वारा कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
इस पूरे मामले पर अभिषेक बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सरकार उनका घर भी गिरा सकती है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
| विवाद से जुड़ी प्रमुख बातें | विवरण |
|---|---|
| नोटिस जारी करने वाली संस्था | कोलकाता नगर निगम (KMC) |
| कुल संपत्तियां | 17 |
| आरोप | अवैध निर्माण |
| संबंधित क्षेत्र | बोरो-9 |
| लागू धारा | KMC एक्ट की धारा 401 |
देबलीना विश्वास का इस्तीफा
इस विवाद के बाद निगम की राजनीति में भी बड़ा असर देखने को मिला। बोरो-9 की चेयरपर्सन और टीएमसी पार्षद देबलीना विश्वास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
देबलीना विश्वास ने दावा किया कि नोटिस जारी होने के बाद उन पर मामले को दबाने और बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें देर रात फोन कॉल आने लगे और उनसे ऐसी बातें कहने को कहा गया जो उन्हें स्वीकार नहीं थीं।
चुनावी नतीजों से भी जोड़कर देखी जा रही घटना
राजनीतिक जानकार इस पूरे घटनाक्रम को हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों से भी जोड़कर देख रहे हैं। भवानीपुर क्षेत्र, जो बोरो-9 के अंतर्गत आता है, वहां चुनावी नतीजों ने टीएमसी नेतृत्व को बड़ा झटका दिया था।
ऐसे में पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर टीएमसी पर निशाना साध रहे हैं।


















