पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और कोलकाता दक्षिण से सांसद माला रॉय ने आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में कोलकाता की अलीपुर अदालत में सरेंडर कर दिया। उनके साथ उनके बेटे अनिर्बाण रॉय ने भी अदालत में आत्मसमर्पण किया।
यह मामला टॉलीगंज क्षेत्र में चुनाव के बाद हुई हिंसा और भाजपा कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर धमकाने से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने माला रॉय, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था।
जमानत के बाद मिली राहत
अदालत में पेश होने के बाद माला रॉय और उनके बेटे को एक हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। पुलिस ने इस मामले में गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद कानूनी दबाव बढ़ने पर दोनों को अदालत में सरेंडर करना पड़ा।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को बंगाल की सत्ता बदलने के बाद शुरू हुई सख्त कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद कई मामलों में टीएमसी नेताओं पर कार्रवाई तेज हुई है।
कौन हैं माला रॉय?
माला रॉय तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती हैं। वह कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट से सांसद हैं और कोलकाता नगर निगम (KMC) की चेयरपर्सन भी हैं। उनके पति निर्बेद रॉय भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पूर्व विधायक रह चुके हैं।
बंगाल में बढ़ा राजनीतिक तनाव
हालिया विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई है। चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच टकराव और हिंसा को लेकर कई मामले दर्ज किए गए थे।
अब इन मामलों में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज होती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े नेताओं पर कानूनी दबाव बढ़ सकता है।
















