मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। मंत्रिपरिषद ने कुल 30,055 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनका सीधा असर किसानों, कर्मचारियों, महिलाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ेगा।
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए 11,608.47 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। वहीं वृद्धजन, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजन की पेंशन योजनाओं के लिए 15,184.42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।
किसानों और कर्मचारियों के लिए बड़े फैसले
सरकार ने फैसला किया है कि यदि किसी किसान को फसल बीमा योजना के तहत 1000 रुपए से कम का दावा मिलता है, तो बाकी राशि राज्य सरकार देगी। इससे हर पात्र किसान को प्रति सीजन कम से कम 1000 रुपए का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी को देखते हुए अंतिम तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई कर दी गई है। जिन किसानों ने स्लॉट बुक कर लिया है, उनसे हर हाल में गेहूं खरीदा जाएगा।
| योजना / फैसला | स्वीकृत राशि |
|---|---|
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना | ₹11,608.47 करोड़ |
| पेंशन योजनाएं | ₹15,184.42 करोड़ |
| श्रमिक कल्याण योजनाएं | ₹1,779.07 करोड़ |
| महिला एवं बाल सुरक्षा योजनाएं | ₹156 करोड़ |
| लोक सेवा गारंटी अधिनियम | ₹360 करोड़ |
1 से 15 जून तक ट्रांसफर नीति लागू
कैबिनेट ने राज्य स्थानांतरण नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत 1 जून से 15 जून तक ट्रांसफर पर लगी रोक हटाई जाएगी। नीति में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने और गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों के मामलों पर विशेष विचार का प्रावधान रखा गया है।
जल योजनाओं को भी मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने सिवनी जिले की बंदोल समूह जल प्रदाय योजना और देवास जिले की नेमावर समूह जल प्रदाय योजना के लिए 593.24 करोड़ रुपए की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी दी। इन योजनाओं का उद्देश्य अतिरिक्त गांवों और बस्तियों तक पेयजल पहुंचाना है।
इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालन के लिए अगले पांच वर्षों हेतु 373.38 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इसमें जैव-आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के लिए विशेष 25 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘चाइल्ड हेल्पलाइन-1098’, POCSO पीड़ित सहायता और ‘शौर्य दल’ जैसी योजनाओं को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया।
















