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Saturday, May 23, 2026
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जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केजरीवाल केस में एमिकस क्यूरी नियुक्त

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दिल्ली हाईकोर्ट ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहूरा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। मामले में अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं पर अदालत की गरिमा प्रभावित करने के आरोप हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहूरा को एमिकस क्यूरी यानी न्याय मित्र नियुक्त किया। अदालत ने कहा कि वह मामले की सुनवाई के दौरान कानूनी सहायता और निष्पक्ष सुझाव देंगे।

यह मामला आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक अवमानना कार्यवाही से जुड़ा है। आरोप है कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर की गई टिप्पणियों और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

डिवीजन बेंच ने क्या कहा

मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र दुग्गल कर रहे हैं। अदालत ने कहा कि जस्टिस शर्मा द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई अवमानना कार्यवाही और अधिवक्ता अशोक चैतन्य की याचिका, दोनों में लगभग समान आरोप हैं। इसलिए दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।

पीठ ने यह भी कहा कि एमिकस क्यूरी के तौर पर वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहूरा अदालत की सहायता करेंगे ताकि सुनवाई निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके। मामले की अगली सुनवाई अब 4 अगस्त को होगी।

मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारीविवरण
अदालतदिल्ली हाईकोर्ट
पीठजस्टिस नवीन चावला, जस्टिस रविंद्र दुग्गल
नियुक्त न्याय मित्रवरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहूरा
मुख्य पक्षकारअरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय
अगली सुनवाई4 अगस्त

किन लोगों के खिलाफ चल रही कार्यवाही

इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा आप नेता सौरभ भारद्वाज, गोपाल राय और पत्रकार सौरव दास का नाम भी शामिल है। अदालत ने गोपाल राय और सौरव दास को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जिन दस्तावेजों और सामग्री के आधार पर याचिका दायर की गई है, उनकी प्रतियां सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाएं।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, 14 मई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ कथित टिप्पणियों और सोशल मीडिया पोस्ट को गंभीर मानते हुए स्वत: संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू की थी। इसके बाद इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी हलकों में काफी चर्चा बटोरी।

अब हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस पूरे मामले की संयुक्त रूप से सुनवाई करेगी। अदालत ने साफ किया है कि न्यायपालिका की गरिमा और अदालत की कार्यवाही को प्रभावित करने वाले मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

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