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Monday, June 8, 2026
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Bhojshala News: धार भोजशाला में अचानक प्रकट हुई वाग्देवी की प्रतिमा, ASI और पुलिस जांच में जुटी

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Bhojshala News: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के हालिया फैसले के बाद यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इसी बीच रविवार को परिसर में अष्टधातु से निर्मित वाग्देवी की प्रतिमा प्रकट होने के बाद भक्तों में खुशी की लहर है।

प्रतिमा दिखाई देने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिसर में पहुंच गए। कई लोगों ने इसे आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण घटना बताया, जबकि प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों के लिए यह सुरक्षा और निगरानी से जुड़ा गंभीर मामला बन गया।

मूर्ति के साथ मिले पूजा-पाठ के संकेत

जानकारी के अनुसार, प्रतिमा के आसपास अक्षत, फूल और पूजा सामग्री भी मौजूद थी। इससे पता चला कि वहां धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-पाठ भी किया गया था। हालांकि किसी व्यक्ति या संगठन ने सार्वजनिक रूप से प्रतिमा स्थापित करने की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि संरक्षित परिसर के भीतर मूर्ति कब और कैसे पहुंची।

भोजशाला परिसर की बाहरी सुरक्षा पुलिस के जिम्मे है, जबकि अंदरूनी संरक्षण और देखरेख का कार्य ASI द्वारा किया जाता है। ऐसे में कड़ी निगरानी वाले क्षेत्र में प्रतिमा स्थापित होने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रतिमा को परिसर में किस समय लाया गया और यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी की जानकारी के कैसे पूरी हुई।

शाम के समय अधिकारियों ने प्रतिमा को परिसर से हटवा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

हाई कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी गतिविधियां

हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फैसले में माना था कि वर्तमान संरचना वाले स्थान पर पहले वाग्देवी सरस्वती का मंदिर मौजूद था। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट और उत्खनन में मिले साक्ष्यों का भी उल्लेख किया था।

हालांकि न्यायालय ने परिसर को फिलहाल ASI के संरक्षण में बनाए रखने और इसके प्रबंधन को लेकर सरकार को उचित निर्णय लेने की बात कही है।

फैसले के बाद से भोजशाला में हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है और यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

हाई कोर्ट के फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फैसले की समीक्षा की जानी चाहिए। गौरतलब है कि हिंदू पक्ष भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है। इसी कारण यह स्थल लंबे समय से विवाद का विषय रहा है।

इस बीच हिंदू पक्ष ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर अनुरोध किया है कि मामले से जुड़ी किसी भी अपील पर निर्णय लेने से पहले उनका पक्ष अवश्य सुना जाए।

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