26.8 C
Indore
Thursday, July 16, 2026
Homeअंतर्राष्ट्रीयBNP की जीत के बाद बांग्लादेश-पाकिस्तान रिश्तों में खटास, ढाका के शपथ...

BNP की जीत के बाद बांग्लादेश-पाकिस्तान रिश्तों में खटास, ढाका के शपथ समारोह से दूर रहे शरीफ

Date:

ढाका में मंगलवार को एक ऐतिहासिक दिन रहा जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP की सरकार ने सत्ता संभाली और तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। संसद भवन में आयोजित इस समारोह में कैबिनेट के अन्य सदस्यों ने भी शपथ ग्रहण किया।

बता दें कि 13वें संसदीय चुनाव में BNP ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नसीरुद्दीन ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत नवनिर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाई। दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया।

इस महत्वपूर्ण समारोह के लिए पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि शरीफ खुद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और उन्होंने अपने एक मंत्री को अपने प्रतिनिधि के तौर पर ढाका भेजा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जमात-ए-इस्लामी के सरकार में शामिल न होने से पाकिस्तान की नीति में बदलाव आया है। दोनों देशों की सरकारों ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

बांग्लादेश के रवैये से शरीफ नाखुश

पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक कमर चीमा ने एक यूट्यूब वीडियो में इस मुद्दे पर रोशनी डालते हुए कहा कि पाकिस्तान यह देखना चाहता है कि बांग्लादेश की नई सरकार उसे क्या पेशकश करने वाली है। चीमा ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के मन में यह सवाल है कि क्या बांग्लादेश उनके साथ ठोस बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि पिछले डेढ़ से दो साल में मोहम्मद यूनुस पाकिस्तान नहीं आए थे जिससे इस्लामाबाद में एक तरह की नाराजगी का माहौल बना।

चीमा ने बांग्लादेश को सभी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि वहां आर्थिक समस्याएं गंभीर हैं और साथ ही भारत के साथ सीमा विवाद जैसे मुद्दे भी मौजूद हैं। पाकिस्तान के साथ पिछले 50 साल के संबंधों को फिर से सेट करने की जरूरत है और चीन को भी स्पष्ट संकेत देने होंगे कि नई सरकार की विदेश नीति क्या होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोपियन यूनियन के व्यापार समझौतों के जरिए भारत ने बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश की है।

इस बीच शहबाज शरीफ इस समय ऑस्ट्रिया के आधिकारिक दौरे पर हैं और सोमवार को उन्होंने विएना में चांसलर क्रिश्चियन स्टोकर से मुलाकात की थी। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अभी बांग्लादेश के साथ रिश्तों में जल्दबाजी नहीं करना चाहता और पहले यह समझना चाहता है कि नई सरकार की नीतियां क्या होंगी। व्यापार और राजनीतिक संबंधों को लेकर दोनों देशों के बीच आने वाले समय में बातचीत की संभावना है लेकिन फिलहाल इस्लामाबाद सतर्क रुख अपनाए हुए है।

Related Posts

spot_img

मध्य प्रदेश