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Wednesday, July 8, 2026
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MP Politics: जीतू पटवारी को सीएम मोहन यादव के सलाहकार का कानूनी नोटिस, 3 दिन में माफी नहीं मांगी तो 5 करोड़ के मानहानि केस की चेतावनी

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MP Politics News: मुख्यमंत्री मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को कानूनी नोटिस भेजा है। तीन दिन में माफी नहीं मांगने पर 5 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे की चेतावनी दी गई है।

MP Politics: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी की ओर से कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पटवारी ने उज्जैन की सरकारी जमीन को लेकर सार्वजनिक रूप से झूठे और तथ्यहीन आरोप लगाए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। ऐसा नहीं होने पर 5 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा दायर करने की चेतावनी दी गई है।

श्रीराम तिवारी, जो उज्जैन स्थित वीर भारत न्यास के सचिव रह चुके हैं, का कहना है कि जीतू पटवारी ने यह आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने उनसे जुड़े न्यास को करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये में पट्टे पर दे दी। तिवारी का दावा है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है और बिना किसी तथ्यात्मक आधार के लगाया गया है।

शनिवार को तिवारी के अधिवक्ता हरीश मेहता और उनकी सहयोगी अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने मीडिया को बताया कि जीतू पटवारी ने 26 जून को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके मुवक्किल के खिलाफ कथित रूप से गलत और भ्रामक बयान दिए थे। उनका कहना है कि इन आरोपों से श्रीराम तिवारी की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

अधिवक्ता हरीश मेहता ने बताया कि कानूनी नोटिस में जीतू पटवारी से तीन दिन के भीतर अपने बयान वापस लेने, सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने और माफी मांगने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता ऐसा करते हैं तो आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

वकील के अनुसार, माफी सार्वजनिक रूप से प्रेस और अन्य मीडिया माध्यमों के जरिए दी जानी चाहिए, ताकि जिन आरोपों से प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है, उनका उचित खंडन भी सामने आ सके। उनका कहना है कि श्रीराम तिवारी ने अपने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य किया है तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

तय समय में माफी नहीं तो 5 करोड़ का मानहानि मुकदमा

अधिवक्ता ने यह भी कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी जाती है तो श्रीराम तिवारी की ओर से जीतू पटवारी के खिलाफ 5 करोड़ रुपये के हर्जाने का मानहानि मुकदमा दायर किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि वीर भारत न्यास से संबंधित सभी प्रक्रियाएं और कार्यवाही कानून के अनुरूप की गई हैं और इसके समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार पर उज्जैन में कथित भूमि घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन वीर भारत न्यास को प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये में पट्टे पर दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि न्यास का नेतृत्व मुख्यमंत्री के करीबी व्यक्ति के पास है। इसी बयान को आधार बनाकर अब श्रीराम तिवारी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को कानूनी नोटिस भेजा है।

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