MP Waqf Board: मध्य प्रदेश सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में गठित इस नए बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, संशोधित कानून लागू होने के बाद यह देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड है, जिसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति की गई है।
राज्य सरकार की ओर से जारी राजपत्र (गजट) अधिसूचना के अनुसार, सनवर पटेल को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में बोर्ड में स्थान दिया गया है।
बोर्ड में अन्य सदस्यों के रूप में नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, फैजान खान, सिस्टर फातमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान और शबाना खान को शामिल किया गया है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त भी बोर्ड के सदस्य होंगे।
सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल पहले की नियुक्ति के अनुसार 18 अप्रैल 2028 तक प्रभावी रहेगा। इसी कारण उन्हें शेष कार्यकाल के लिए नए बोर्ड में भी शामिल किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि संशोधित वक्फ कानून के प्रावधानों के अनुरूप बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। सरकार ने वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की संबंधित धाराओं के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए नए बोर्ड का गठन किया है।
सरकार के अनुसार, इस पुनर्गठन का उद्देश्य संशोधित कानून के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करना और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाना है।
बता दें कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जिसका दायित्व राज्य की वक्फ संपत्तियों का संरक्षण, रखरखाव और प्रबंधन करना होता है। इसके अलावा बोर्ड वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करने, उनकी आय और उपयोग की निगरानी करने, अवैध कब्जों को रोकने तथा धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए इन संपत्तियों के उपयोग को सुनिश्चित करने का कार्य भी करता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में लागू किए गए नए वक्फ कानूनों से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा मजबूत हुई है और उनकी आय बढ़ाने की संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि मध्य प्रदेश में बनने वाले नए वक्फ भवन का नाम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम पर रखा जाएगा।


















