पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कूचबिहार पुलिस द्वारा की गई है। हालांकि, गिरफ्तारी किस विशेष मामले में हुई है, इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
करोड़ों रुपये जुटाने के आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, उदयन गुहा पर एक सरकारी अस्पताल में बच्चों के लिए विशेष यूनिट बनाने के नाम पर बड़ी रकम जुटाने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस परियोजना के लिए बाजार और व्यापारिक समुदाय से करोड़ों रुपये एकत्र किए गए थे।
आरोप यह भी है कि जुटाई गई राशि के मुकाबले जमीन पर बहुत कम काम कराया गया। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि परियोजना पर खर्च और एकत्रित धनराशि के बीच बड़ा अंतर है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।
मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले पक्ष का कहना है कि लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही थी। उनका आरोप है कि विधानसभा चुनाव के बाद बड़ी मात्रा में धन जुटाया गया, लेकिन घोषित उद्देश्य के अनुरूप विकास कार्य नहीं हुए।
शुभेंदु अधिकारी के आरोप भी रहे चर्चा में
उदयन गुहा का नाम पहले भी राजनीतिक विवादों में सामने आ चुका है। पिछले वर्ष पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे शुभेंदु अधिकारी (वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री) ने उन पर अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाया था।
उस समय शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि कूचबिहार क्षेत्र में उनके वाहन पर हमला किया गया और मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की गई। हालांकि उस प्रकरण में भी जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला
काफिले पर कथित हमले के मामले को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने अदालत का रुख भी किया था। उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
बाद में अदालत ने संबंधित अधिकारियों से मामले में विस्तृत जानकारी और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। इस वजह से यह मामला लंबे समय तक राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना रहा।
फिलहाल उदयन गुहा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों और शिकायतों की पड़ताल कर रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

















