इंदौर की पहचान से जुड़ी कान्ह नदी को नया स्वरूप देने की दिशा में नगर निगम द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। कृष्णपुरा पुल (नगर निगम मुख्यालय) से लेकर लोखंडे पुल तक करीब 1200 मीटर क्षेत्र में रिवर फ्रंट विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को नदी का एक सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप देखने को मिलेगा।
शुक्रवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने अवलोकन के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि नगर निगम ने 1200 मीटर के इस हिस्से को रिवर फ्रंट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था, और परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

महापौर ने बताया कि नगर निगम परिसर से लेकर लोखंडे पुल के आगे तक दोनों ओर रिटेनिंग वॉल और वॉल पिचिंग का कार्य किया जा रहा है। साथ ही नदी में मिलने वाले सीवरेज के ग्रे वॉटर को अलग प्रवाहित करने तथा उपचारित (ट्रीटेड) जल को नदी में प्रवाहित करने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। इससे नदी की स्वच्छता और सौंदर्य दोनों में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना का वित्तीय अनुमोदन हो चुका है और निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। हालांकि कार्य को पूर्ण होने में अभी लगभग 15 माह का समय और लगेगा, लेकिन इसके पूरा होने के बाद खान नदी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। साथ ही जल के बेहतर उपयोग और प्रबंधन का एक प्रभावी मॉडल भी विकसित होगा।

महापौर श्री भार्गव ने मानसून को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान जल प्रवाह बढ़ने की स्थिति में रिटेनिंग वॉल और पिचिंग कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की क्षति या व्यवधान उत्पन्न न हो।
महापौर ने कहा कि यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी पुनर्जीवन, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में इंदौर को एक नई पहचान मिलेगी।
अवलोकन में जल कार्य प्रभारी श्री अभिषेक शर्मा बबलू एमआईसी सदस्य श्री राजेश उदावत सहित नगरपालिका निगम के संबंधित अधिकारी सम्मिलित हुए।

















